Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशॠको किस उमà¥à¤° से पिलाना चाहिठबोतल का दूध, ताकि पोषण के साथ न करना पड़े समà¤à¥Œà¤¤à¤¾
आप ये तो जानते ही होंगे कि जनà¥â€à¤® के बाद पहले 6 महीने तक बचà¥â€à¤šà¥‡ को मां का दूध ही पिलाते हैं, लेकिन कà¥â€à¤¯à¤¾ आप से जानते हैं कि बचà¥â€à¤šà¥‡ को बोतल का दूध किस उमà¥à¤° से पिलाना चाहिà¤à¥¤
कहते हैं कि जनà¥â€à¤® के बाद पहले 6 महीने तक शिशॠको मां का दूध ही पिलाना चाहिठऔर इतने समय तक बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठसंपूरà¥à¤£ पोषण का आधार मां का दूध ही होता है। लेकिन इसके बाद बचà¥â€à¤šà¥‡ को ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥‚ किया जाता है और उसे मां के दूध की बजाय बोतल से दूध पिलाने की सलाह दी जाती है।
लेकिन कà¥â€à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि बचà¥â€à¤šà¥‡ को बोतल से दूध पिलाने के लिठयही सही उमà¥à¤° है या फिर शिशॠको किस उमà¥à¤° से दूध पिलाना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤? आइठजानते हैं इस सवाल का जवाब कà¥â€à¤¯à¤¾ है?
डबà¥â€à¤²à¥â€à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की राय
विशà¥â€à¤µ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ संगठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 6 महीने तक शिशॠको मां का दूध ही पीना चाहिà¤à¥¤ लेकिन अगर किसी कारणवश मां के सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध नहीं आ रहा है तो वो शिशॠको बोतल से या चमà¥â€à¤®à¤š-कटोरी से दूध पिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती है। अगर आपको डिलीवरी के बाद काम पर जाना है ताे इस†सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ आप शिशॠको बोतल से दूध पिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं, लेकिन बोतल में मां का दूध ही होना चाहिà¤à¥¤ जनà¥â€à¤® के बाद पहले 6 महीनों तक मां का दूध बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
कब शà¥à¤°à¥‚ करें बोतल से दूध
जब बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना पूरी तरह से सीख जाठऔर वो सà¥â€à¤¤à¤¨ को दबाकर दूध निकालना सीख जाà¤, तब आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को बोतल से दूध देना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के साथ ही आप दिन में à¤à¤• या दो बार शिशॠको बोतल से दूध पिला सकती हैं। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से à¤à¤•दम से बोतल का दूध शà¥à¤°à¥‚ न करें बलà¥à¤•ि दिन में कà¥à¤› टाइम सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚ तो कà¥à¤› टाइम बोतल से दूध पिलाà¤à¤‚। बोतल से दूध पीना सीखने में बचà¥â€à¤šà¥‡ को लगà¤à¤— दो सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ का समय लग सकता है।
बोतल से दिन में कितनी बार दूध पिलाà¤à¤‚
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शिशॠको बोतल से 30 से 60 मिली दूध ही पिलाà¤à¤‚। इसके दो से तीन दिन बाद आप 60 से 90 मिली दूध पिला सकती हैं। इसके अलावा बचà¥â€à¤šà¥‡ को हर 3 से 4 घंटे में दूध पिलाती रहें। दूध पीने पर बचà¥â€à¤šà¤¾ 4 से 5 घंटे तक सो सकता है, लेकिन आप हर 5 घंटे में उसे उठाकर दूध जरूर पिलाà¤à¤‚।
à¤à¤• महीने तक बोतल से दूध पीने के बाद बचà¥â€à¤šà¥‡ को 120 मिली दूध पिलाà¤à¤‚ और हर चार घंटे में दूध दें। इसके बाद 180 से 240 मिली दूध पिलाना है।
कà¥â€à¤¯à¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• और मां के दूध को मिकà¥â€à¤¸ कर सकते हैं
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• के साथ सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना अचà¥â€à¤›à¤¾ विकलà¥â€à¤ª है। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को दोनों तरह के मिलà¥â€à¤• का फायदा मिल जाà¤à¤—ा। जब आप घर पर हों तो बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपना दूध ही पिलाà¤à¤‚ और जब आपको ऑफिस या बाहर किसी काम से जाना हो तो उसे बोतल का दूध पिला सकती हैं। वहीं, à¤à¤• साथ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• में मां के दूध को मिलाकर न दें। बोतल को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से धोने के बाद ही बचà¥â€à¤šà¥‡ को देनी चाहिà¤, वरना बोतल पर लगे कीटाणॠबचà¥â€à¤šà¥‡ के शरीर में घà¥à¤¸à¤•र बीमारियां पैदा कर सकते हैं। बोतल की साफ-सफाई पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
| --------------------------- | --------------------------- |